सिद्धार्थनगर में नकली शराब का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, हजारों नकली ढक्कन और बारकोड बरामद
बाँसी (सिद्धार्थनगर): जनपद सिद्धार्थनगर की थाना बाँसी पुलिस, एसओजी/सर्विलांस टीम और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नकली एवं मिश्रित अंग्रेजी शराब तैयार कर बेचने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में नकली ढक्कन, बारकोड (सील रैपर), मिश्रित अंग्रेजी शराब और शराब तैयार करने में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए।
यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय पाठक, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त पाण्डेय तथा आबकारी विभाग की टीम के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर रतन सेन सिंह इंटर कॉलेज, इटवा रोड, थाना बाँसी क्षेत्र में की गई।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी बलराम जायसवाल की निशानदेही पर कोइलहवा स्थित किराये के मकान की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब के 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 नकली बारकोड (सील रैपर), शराब तैयार करने के उपकरण तथा 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसके अलावा एक इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, एक अवैध चाकू, दो सुजा और एक टीवीएस रेडियन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलराम जायसवाल निवासी देवियापुर नरकटहा, थाना बाँसी (सिद्धार्थनगर) तथा प्रदीप कुमार, निवासी अनंगपुर, थाना पाली (हरदोई) के रूप में हुई है।

पूछताछ में मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नकली ढक्कन और बारकोड ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगवाकर विभिन्न शराब दुकानों से जुड़े लोगों को उपलब्ध कराता था। इनका उपयोग खाली बोतलों में शराब भरकर नकली सील लगाकर उसे असली ब्रांड की शराब के रूप में बेचने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से नकली एवं संभावित जहरीली शराब के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। साथ ही लाखों रुपये के सरकारी राजस्व की संभावित क्षति को भी रोका गया है। आबकारी विभाग ने संबंधित शराब दुकान को सील कर लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उत्कृष्ट कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने संयुक्त टीम को ₹20,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

