बानगंगा बैराज पर युवक की डूबने से मौत, दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
नदी में छलांग लगाने के बाद मछुआरों और बैराज कर्मियों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। बानगंगा बैराज के नदी घाट पर मंगलवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय निजामुद्दीन की जान चली गई। नदी में छलांग लगाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत झरुआ निवासी निजामुद्दीन शाम करीब चार बजे बैराज के फाटक संख्या-16 के उत्तरी हिस्से में मौजूद था। इसी दौरान उसने अचानक नदी में छलांग लगा दी। घटना देखकर आसपास मौजूद मछुआरा समुदाय के लोगों और बैराज कर्मचारियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू के दौरान नदी में जाल डाला गया और काफी मशक्कत के बाद निजामुद्दीन को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

निजामुद्दीन की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह पत्नी सकीना और 12 व 7 वर्ष की दो बेटियों को पीछे छोड़ गया है। हादसे की जानकारी मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर मिथिलेश कुमार राय के साथ एसआई राजकुमार यादव और एसआई परमानंद राय ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
हादसे के बाद बानगंगा बैराज की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि नदी के आसपास संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी, पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और जरूरी चेतावनी संकेत होने चाहिए। स्थानीय लोगों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बैराज क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।


